शुक्रवार, 29 मई 2015

शुक्रवार, 1 मई 2015

भूकंप की त्रासदी

नेपाल हिला ,भारत हिला और हिला पाकिस्तान ।
न मसीह आए ,न अल्लाह आए न आए भगवान ।
है कौन हिदूं , कौन ईसाई , कौन मुसलमान , 
प्रकृति के आगे हैं बेबस हर इंसान ।
हैं समान उसकी नज़र में,
वहाँ नहीं चलता , बाईबिल,वेद और कुरान ।
अरे ! मत उलझ इस पाखंड में, 
अब जाग जा ! मूर्ख इंसान ।
देखकर दर्द किसी का जो आह ! निकल जाती है ,
बस, इतनी सी बात आदमी को इंसान बना जाती है ।